गणतंत्र दिवस की आप सबको ढेरों बधाई!
भाई अभय की दो रचनायें इस गणतंत्र के जनों को सप्रेम भेंट की जा रही हैं।
तस्वीर ये बदलनी है आवाज़ करो.
हुंकार है, देश अब आज़ाद करो.
मालिक हैं मुख़्तार हैं
फिर भी क्यों लाचार हैं?
- मुकेश नेमा और स्मृति आदित्य को कृति सम्मान सीहोर। नए वर्ष की ऊर्जा और साहित्यिक उल्लास के बीच 'शिवना प्रकाशन' द्वारा वर्ष 2025 क...
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