Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2014

एक कवि की दृष्टि से - कोहरा सूरज धूप (बृजेश नीरज)

"माँ! शब्द दो! अर्थ दो!” ये तीन पंक्तियाँ मिलकर एक छोटी सी कविता रच देती हैं। ये कविता उस यात्रा की शुरुआत है जिसका प्रारंभ घने कुहरे से होता है। हमारा अस्तित्व भी माँ से ही शुरू होता है। हमारे जीवन को पहला शब्द और पहला अर्थ माँ ही देती है। इसके बाद होती है जीवन-यात्रा जो अज्ञान के कुहरे से शुरू होती है।
बच्चे हर चीज को उसके स्वाद से पहचानने की कोशिश करते हैं। तब माँ सिखाती है कि हर चीज का स्वाद जुबान से नहीं लिया जा सकता। दुनिया को जानने-समझने के लिए आपको हर इंद्रिय का प्रयोग करना पड़ता है और किस वस्तु को किस इंद्रिय से महसूस किया जा सकता है यह माँ ही सिखाती है। माँ ज्ञान का सूरज भी है और आनंद की धूप भी। इस तरह ‘कोहरा सूरज धूप’ नामक कविता संग्रह की यात्रा शुरू होती है जो बृजेश नीरजजी के कल्पनालोक में ले जाती है।
अद्भुत बिम्बों से भरी सुबह हो रही है। यात्रा के प्रारंभ में ही कुछ द्वीप हैं जिनसे सटकर भगीरथी की धारा ठिठकी हुई है जिसकी स्याह लहरों में घुटकर रोशनी दम तोड़ देती है। निगाह नीले आसमान की तरफ जाती है और मन में सदियों पुराना प्रश्न सिर उठाता है। क्या होगा अंत के बाद?  सामने मो…

''कोहरा सूरज धूप'' लोकार्पित

अन्तराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के इलाहाबाद क्षेत्रीय केंद्र स्थित सत्यप्रकाश मिश्र सभागार में रविवार 22 फरवरी को आयोजित समारोह में अंजुमन प्रकाशन, इलाहाबद द्वारा प्रकाशित साहित्य सुलभ संस्करण के प्रथम सेट की आठ पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इन आठ पुस्तकों में लखनऊ के बृजेश नीरज का कविता-संग्रह ‘’कोहरा सूरज धूप‘’ भी सम्मिलित है। लोकार्पण भोपाल से पधारे ख्याति प्राप्त शायर ज़हीर कुर्रेशी के हाथों संपन्न हुआ।समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध गीतकार गुलाब सिंह ने की।कार्यक्रम का संचालन गीतकार नन्दल हितैषी ने किया। इस समारोह में गीतकार यश मालवीय, शायर एहतराम इस्लाम, प्रख्यात कवि अजामिल, उर्दू समालोचक एम . ए . कदीर, रविनंदन सिंह आदि वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित थे।समारोह में वक्ताओं ने बृजेश नीरज की कविताओं में समकालीनता के स्वर और उनके तेवर की सराहना की और उन्हें एक प्रगितशील और सशक्त रचनाकार बताया।वक्ताओं ने कहा कि बृजेश नीरज की कविताओं में जीवन के अनुभवों का एक विस्तृत फलक मौजूद है। समकालीन विषय नए स्वरुप में नवीन बिम्बों के साथ हमारे सामने है।समारोह का संयोजन अंजुमन प्रकाशन के अधिष्ठात…